About

मेरा नाम जीतेन्द्र मीना है मै राजस्थान के करौली जिले का रहने वाला हूँ मेरे गाँव का नाम गुरदह है जो करौली जिले की मंडरायल तहसील में आता है । मै स्वतंत्र पत्रकार , लेखक हूँ और ब्लॉगगर भी हूँ । मै क्षेत्रीय समस्याओं के साथ साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखता हूँ , पैसा कमाने के चक्कर में मै अपना ईमान और मानवीयता को नही भूल सकता , मेरा उद्देश्य है की मै अपने क्षेत्र की समस्याओं को सबके सामने ला सकूँ और दलित कमजोर लोगों की आवाज को उठा सकूँ । संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आगे पहुचाने मे सहायक बन सकूँ । महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने में कुछ मदद कर  पूरा कर सकूँ । कुछ जातिवादी मानसिकता के लोग मुझे भी दलित मानेंगे और मेरे सामने दीवार बनकर खड़े नजर आयेंगे लेकिन मै उनसे डरता नही । मै जाति धर्म को मान्यता ना देकर इंसानियत को महत्व देता हूँ । मेरा उद्देश्य जाति धर्म को बढाबा ना देकर इंसानियत को बढाबा देना है । मेरे लिये संविधान सर्वोपरि है । कुछ नेता है जिनका विरोध करने पर हमें मारने की धमकिया जरूर मिलती है लेकिन मै अन्याय को सहन करने के बजाय उनके हाथों से मरना ही पसंद करूंगा । 
मै अपने लेखन के माध्यम से सच को उजागर करने मे विश्वास करता हूँ झूटा दिखावा बनाबटीपन मुझे पसंद नही है , मै लेखन के माध्यम से दलित व कमजोर वर्ग के दर्द को उजागर करता हूँ जिससे इंसानियत जिन्दा रहे और इससे कुछ लोगों की मानसिकता को बदल सकूं यह मेरा सपना है । मै किसी विशेष विचारधारा को बढाबा ना देकर इंसानियत को बढाबा देता हूँ , मेरा मानना है इंसानियत है तो इन्सान है ।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा :
मेरा जन्म 7 अगस्त 1999 को राजस्थान के करौली की मंडरायल तहसील के गाँव गुरदह के एक गरीब परिवार मे हुआ , मेरी माता का नाम नैनीबाई है और पिता का नाम कमरसिंह मीना है हम तीन बहन भाई है मुझसे छोटा एक भाई है और मुझसे बडी एक बहन है ।
          मेरी प्रारंभिक शिक्षा मेरे गाँव गुरदह के ही सरकारी विध्यालय से पूरी हुई है मुझे विध्यालय मे शिक्षकों ने होशियार वर्ग मे रखा था । मैने आगे की पढाई के लिये करौली के कोटा यूनिवर्सिटी के सरकारी महाविध्यालय से बैचलर ऑफ़ आर्ट की पढाई की है , आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आगे की पढाई नही कर सका ।

जीवन वृत्ति : मैने अपना जीवन स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ शुरु किया था और अब में कविताएँ और नई नई रचनाएं लिखता हूँ । पत्रकार के तौर पर मेरी खबरें डिजिटल संस्करण अखबार दैनिक लोकतंत्र ( उदयपुर के राजसमन्द से प्रकाशित होता है ) , वेलकम इंडिया ( उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से प्रकाशित होता है ) सहित कई अखबारों मे प्रकाशित होती है व मेरी रचनाएँ भी कई न्यूज़पेपरो मे प्रकाशित होती है । 

मेरी तीन रचनाएँ ' लोग है ना ' , ' मेरी मंजिल ' , ' कुछ करे ' श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा निर्मित काव्य संग्रह  " काव्य अक्षत " में प्रकाशित है ।

स्वतंत्र लेखन : स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कई वेबसाइट पर अपना स्वतंत्र लेखन करता हूँ जैसें My Voice Opindia , Youth Ki Awaaz , व Dailyhunt पर अपनी खबरें प्रकाशित करता हूँ । सर्किल ऐप्प पर मेरे अब तक 2 करोड से भी अधिक पढने वाले हो चुके है । मैने क्षेत्रीय समस्याएँ उठाने के लिये व दलित कमजोर लोगों की आवाज उठाने के लिये The Gramin Times ब्लॉग बनाया है जिसके माध्यम से लगातार मे आवाज उठा रहा हूँ ।

कवितायें लेखन : मुझे आप कविशाला पर पढ़ सकते है जहाँ मुझे वेरिफाइड किया गया है कविशाला पर कोई भी हमे पढ़ सकता है । इसके अलावा भी गूूूगल पर आप मेरे नाम ' जीतेन्द्र गुरदह ' व जीतेन्द्र मीना गुरदह के नाम से सर्च कर सकते है जिसके परिणाम आपके सामने आ जायेंगे । 
अमर उजाला की सहयोगी वेबसाइट अमर उजाला काव्य पर भी आप मेरी रचनाएँ पढ़ सकते है

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