कुछ तुम सोचो कुछ हम सोचे - जीतेन्द्र मीना ' गुरदह '

कविता शीर्षक : कुछ करें 


कुछ तुम सोचो , कुछ हम सोचे ,

कुछ तुम करो , कुछ हम करे ।


कुछ लोग सोचेंगे, कुछ लोग करेंगे ,

कुछ ये भी सोचेंगे, कुछ वो भी करेंगे ।


कुछ जरूरतें तुम पूरा करो ,

कुछ जरूरतें हम पूरा करेंगे ।


कुछ कमियाँ बगियाँ के पौधे पूरा करेंगे ,

कुछ कमियाँ नन्ही चिडिया पूरा करेगी ।


कुछ कमियाँ आपके चाहने वाले पूर करेंगे ,

कुछ कमियाँ दिल मे बसाने वाले पूरा करेंगे ।


कुछ कमियाँ आपकी मेहनत पूर करेगी ,

कुछ कमियाँ आपके कर्म पूरा करेंगे ।


हम ज्यादा नही करेंगे कुछ कमियाँ पूरा करके,

कुछ कमियाँ दूर करके खुशनुमा दुनिया बनायेंगे ।।


लेखक / कवि : © जीतेन्द्र मीना ' गुरदह ' 

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