नए साल पर कविता ( बहुत लोग आये जिन्दगी में) । जीतेन्द्र गुरदह

कविता शीर्षक: पिछले से बेहतर साल 




बहुत लोग आये जिन्दगी में 

कुछ अच्छे तो कुछ बुरे आये 


गुजर गया ये बर्ष कुछ इसी तरह 

कुछ ने हँसाया तो कुछ ने सताया 


माफी चाहेंगे हमसे हुई गलतियों की 

हमनें दिल दुखाया तो उन भूलों की 


गुजर गया पुराना बर्ष हंसी खुशी 

करो  नई  शुरुआत  राजी  खुशी


आस खड़ी मुस्कुरा रही, नए साल के द्वार

कह रही होगा बेहतर, पिछले से इस बार


आया नया साल झूमो उमंगो के साथ

खुश रहे आप सदा नवबर्ष के साथ ।।


लेखक / कवि : जीतेन्द्र मीना ' गुरदह ' 

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